17 पीसीएस अधिकारीयो का आईएएस काडर में प्रमोशन - Police Wala News

17 पीसीएस अधिकारीयो का आईएएस काडर में प्रमोशन

लखनऊ .उत्तर प्रदेश के 17 पीसीएस अधिकारी आईएएस काडर में प्रमोशन पा गए हैं। इसकी अधिसूचना सोमवार की शाम को जारी कर दी गई है। एनेक्सी के प्रथम तल पर स्थित नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग में मिठाई बांटी गई। प्रोन्नत होने वाले अधिकारी 1994 और 1996 बैच के हैं।

केंद्रीय कार्मिक मंत्रलय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विशेष सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक उदयभानु त्रिपाठी और यूपी प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के अपर निदेशक संजय कुमार सिंह यादव के अलावा सहारनपुर की अपर आयुक्त डा. आभा गुप्ता, फैजाबाद मंडल के अपर आयुक्त प्रभांशु श्रीवास्तव, एडीएम वित्त एवं राजस्व बिजनौर सुरेंद्र राम, अर आयुक्त मिर्जापुर सूर्यमणि लाल चंद, सीडीओ अंबेडकरनगर ओम प्रकाश आर्य, अलीगढ़ के अपर आयुक्त कृष्ण कुमार, वाणिज्य कर की अपर आयुक्त सुधा वर्मा, सीडीओ कुशीनगर कृष्ण कुमार गुप्ता, आरएफसी आगरा अवधेश कुमार तिवारी, रायबरेली के सीडीओ देवेंद्र पांडेय, सिद्धार्थनगर के सीडीओ अनिल कुमार मिश्र, यूपी प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ के रजिस्ट्रार ओम प्रकाश राय, गोरखपुर के अपर आयुक्त संजय कुमार सिंह प्रथम, सीडीओ रामपुर देवेंद्र सिंह कुशवाहा और सीडीओ फतेहपुर शिव प्रसाद प्रथम को पीसीएस से आईएएस काडर में प्रोन्नत किया गया है।

प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक दीपक त्रिवेदी ने यह जानकारी दी। केंद्रीय कार्मिक मंत्रलय की अधिसूचना के आधार पर प्रदेश के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव धनंजय शुक्ल द्वारा भी देर आदेश जारी कर दिया गया। आदेश के अनुसार आईएएस (भारतीय प्रशानिक सेवा) में प्रोन्नत इन अधिकारियों को वरिष्ठ वेतनमान में केंद्र सरकार की अधिसूचना के शर्तों के अधीन तत्काल पीसीएस काडर छोड़कर आईएएस काडर में ज्वाइन करना होगा। आगे के आदेशों तक वे वर्तमान पद पर ही तैनात रहेंगे।

आदेश जारी होने के बाद विशेष सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक उदभानु त्रिपाठी सहित आईएएस बने अनेक अधिकारियों ने नए काडर में ज्वाइन कर लिया है। बाकी मंगलवार को ज्वाइन करेंगे। खास बात यह है कि कुल 21 रिक्त पदों की डीपीसी हुई थी। जिसमें से 17 पदों की संघ लोक सेवा आयोग प्रोन्नत बोर्ड द्वारा क्लीयर करने के बाद केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी। चार अफसरों को आईएएस में प्रोन्नति के लिए दो माह की मोहलत दी गई है। इन चार अफसरों में जितेंद्र बहादुर सिंह, उदयी राम, भीष्म लाल और केदारनाथ सिंह शामिल हैं। यदि इन चारों अफसरों की जांच और मुकदमे दो माह में क्लीयर नहीं हुए तो ये चारों पद अगले साल की डीपीसी में जोड़ दिए जाएंगे।