गोरखा राईफल्‍स ने शानदार तरीके से मनाया 200वां स्‍मरणोत्‍सव - Police Wala News

गोरखा राईफल्‍स ने शानदार तरीके से मनाया 200वां स्‍मरणोत्‍सव

वाराणसी। 200 वर्षों की निस्वार्थ सेवा, वीरता एवं अप्रतिम बलिदान के प्रतीक स्वरूप नवीं गोरखा राईफल्स का 200वां स्मरणोत्सव 8 से 11 नवम्बर 2017 तक 39 गोरखा प्रशिक्षण केन्द्र वाराणसी में हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस समारोह में विभिन्न प्रकार के रोमांचक एवं मन को उल्लासित करने वाले मनोरंजक कार्यक्रम को प्रस्तुत किया गया, जिसमें भारी संख्या में सेवारत एवं भूतपूर्व अधिकारी, सैनिक एवं वीर नारियाँ उपस्थित रहीं।

विदित हो कि 39 गोरखा राइफल्स के गठन आज ही के दिन दो सौ साल पूर्व 1817 ई0 हुआ था। इसी उपलक्ष्य में गोरखा ट्रेनिंग सेंटर में उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर गुरुवार सुबह वार मेमोरियल ग्राउंड में शहीदों को सलामी दी गई और भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के परिवार की 18 वीर नारियों को सम्मानित किया गया।

समारोह में जबलपुर से आए सेना के जवानों ने मोटरसाइकिल पर और श्वेत अश्व दल के सदस्यों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। इस अवसर पर जनरल बिपिन रावत, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम, यूएसएम, एडीसी, चीफ आफ आर्मी स्टाफ गोरखा ब्रिगेड के अध्यक्ष एवं वरिष्ठतम् सेवारत गोरखा अधिकारी के रूप में 09 से 10 नवम्बर 2017 तक उपस्थित रहे।

इस समारोह में सेवारत एवं भूतपूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 500 से अधिक भूतपूर्व सैनिक जिसमें नेपाल के सुदूर क्षेत्रों से भी थे, वे भी अपने परिवार के साथ सम्मिलित हुऐ। अपने इस प्रवास के दौरान जनरल बिपिन रावत इसके अतिरिक्त जनरल रावत ने रेजिमेंट के अमर शहीदों को भी स्मरण करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किया एवं रेजिमेंट के प्रतीक स्वरूप लिफाफा डाक टिकट का अनावरण किया। इस अवधि के दौरान जनरल बिपिन रावत की धर्मपत्नी श्रीमती मधुलिका रावत भी उपस्थित रहीं।

इस कार्यक्रम में वीर नारियों के सम्मान में एक शानदार परेड का आयोजन किया गया, जिसमें जाबांज जवानों द्वारा मोटर साइकिल डिस्प्ले, कम्बैट फ्री फाल, पैरामोटर फ्लाइट विभिन्न प्रकार के बैन्ड के प्रदर्शन के अतिरिक्त कई अन्य मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। 12 भूतपूर्व ब्रिटिश गोरखा अधिकारी के परिवारों के सदस्य इस समारोह में अपनी उपस्थिति देकर सेन्टर के सौहार्द में और अधिक दृढ़ता प्रदान किया।

इस दौरान जनरल रावत ने गोरखा ट्रेनिंग सेंटर में सेना अधिकारियों के साथ बैठक की और गुरुवार की शाम को पत्नी मधुरिका रावत के साथ बजड़े पर सवार होकर उन्होंने गंगा घाटों की अलौकिक छटा निहारी। दशाश्वमेध घाट के सामने बजड़े को रोक कर उन्होंने गंगा आरती देखी और दीपदान भी किया। उनके साथ 39 जीटीसी के बिग्रेडियर एसए रहमान भी थे।

दो दिन से अधिक तक चलने वाले इस समारोह में वयोबृद्ध सेनानियों और वतर्मान पीढ़ी के बीच एक मजबूत सम्बन्ध सुदृढ़ करने का एक सुअवसर भी प्राप्त हुआ है तथा इसी के परिणामस्वरूप रेजिमेन्ट ने पिछले 200 वर्षों में बहुत से सम्मान भी अर्जित किये हैं। यही हमारे रेजिमेन्ट के प्रति वर्तमान लोगों के हृदय में कठोर परिश्रम, बहादुरी को उत्पन्न करने की प्रेरणा देता है।